1737 कलकत्ता चक्रवात
समय: सोमवार, 7 अक्तू॰ 1737
स्थान: भारत
विवरण: 7 अक्टूबर 1737 को, भारत के कलकत्ता (आधुनिक कोलकाता) शहर में एक प्राकृतिक आपदा आई। लंबे समय तक यूरोप में यह माना जाता था कि यह भूकंप का परिणाम था, लेकिन अब माना जाता है कि यह एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात था। कलकत्ता में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शुल्क संग्रहकर्ता थॉमस जोशुआ मूर ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में लिखा कि एक तूफान और बाढ़ ने लगभग सभी फूस की इमारतों को नष्ट कर दिया और शहर के 3,000 निवासियों को मार डाला। व्यापारी जहाजों की अन्य रिपोर्टों ने संकेत दिया कि एक भूकंप और ज्वारीय लहर इसके लिए जिम्मेदार थे, जिसने बंदरगाह में 20,000 जहाजों को नष्ट कर दिया और 3,00,000 लोगों की जान ले ली। उस समय कलकत्ता की जनसंख्या लगभग 3,000–20,000 थी।
इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।
सर्वोत्तम-प्रयास क्रम। कुछ घटनाएं क्रम से बाहर दिख सकती हैं क्योंकि कई केवल वर्ष के अनुसार ज्ञात हैं, लेकिन वे आमतौर पर उसी अवधि के आसपास होती हैं।
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आज - 7 October


























































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