8/9 नवंबर की रात
नेपोलियन और उनकी सेना चली गई। नवंबर की शुरुआत में नेपोलियन 1812 के मैलेट तख्तापलट के बाद फ्रांस में नियंत्रण खोने को लेकर चिंतित हो गए। उनकी सेना घुटनों तक बर्फ में चली, और केवल 8/9 नवंबर की रात को ही लगभग 10,000 सैनिक और घोड़े जम कर मर गए।
