कैमरे
पेंटाप्रिज्म का उपयोग करने वाला पहला कैमरा
जर्मनी
युद्ध के बाद का पहला बड़ा SLR नवाचार आई-लेवल व्यूफाइंडर था, जो पहली बार 1947 में हंगेरियन ड्युफ्लेक्स पर दिखाई दिया और 1948 में कॉन्टैक्स S के साथ परिष्कृत हुआ, जो पेंटाप्रिज्म का उपयोग करने वाला पहला कैमरा था। इससे पहले, सभी SLR कमर-स्तर के फोकसिंग स्क्रीन से लैस थे। ड्युफ्लेक्स इंस्टेंट-रिटर्न मिरर वाला पहला SLR भी था, जिसने प्रत्येक एक्सपोज़र के बाद व्यूफाइंडर को ब्लैक आउट होने से रोका। इसी समय अवधि में हैसलब्लैड 1600F की शुरुआत भी देखी गई, जिसने दशकों तक मीडियम फॉर्मेट SLR के लिए मानक स्थापित किया।
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