साइप्रस का अंतर-सामुदायिक हिंसा
ब्रिटिश प्रधान मंत्री हेरोल्ड मैकमिलन से साइप्रस मुद्दे को हल करने के लिए एक योजना प्रस्तावित करने की उम्मीद थी
साइप्रस
जून 1958 में ब्रिटिश प्रधान मंत्री हेरोल्ड मैकमिलन से साइप्रस मुद्दे को हल करने के लिए एक योजना प्रस्तावित करने की उम्मीद थी। नए घटनाक्रम के मद्देनजर तुर्कों ने निकोसिया में दंगे किए ताकि इस विचार को बढ़ावा दिया जा सके कि ग्रीक और तुर्की साइप्रस एक साथ नहीं रह सकते और इसलिए कोई भी योजना जिसमें विभाजन शामिल नहीं है, व्यवहार्य नहीं होगी। इस हिंसा के बाद जल्द ही बमबारी, ग्रीक साइप्रस की मौतें और ग्रीक साइप्रस के स्वामित्व वाली दुकानों और घरों में लूटपाट हुई। ग्रीक और तुर्की साइप्रस के लोग सुरक्षा की तलाश में मिश्रित आबादी वाले गांवों से भागने लगे जहां वे अल्पसंख्यक थे। यह प्रभावी रूप से दोनों समुदायों के अलगाव की शुरुआत थी।
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