सबसे महत्वपूर्ण विवाद शत्त अल-अरब जलमार्ग को लेकर था। ईरान ने नवंबर 1913 के कॉन्स्टेंटिनोपल के एंग्लो-ओटोमन कन्वेंशन में स्थापित सीमांकन रेखा को मानने से इनकार कर दिया। ईरान ने मांग की कि सीमा थलवेग (thalweg) के साथ चले, जो नौगम्य चैनल का सबसे गहरा बिंदु है।