हेनरिक हिमलर
नूर्नबर्ग कानून (Nuremberg Laws)
जर्मनी
15 सितंबर 1935 को, हिटलर ने रीचस्टैग (Reichstag) के सामने दो कानून पेश किए—जिन्हें नूर्नबर्ग कानून के रूप में जाना जाता है। कानूनों ने गैर-यहूदी और यहूदी जर्मनों के बीच विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया और यहूदी घरों में 45 वर्ष से कम उम्र की गैर-यहूदी महिलाओं के रोजगार पर रोक लगा दी। कानूनों ने तथाकथित "गैर-आर्यों" को जर्मन नागरिकता के लाभों से भी वंचित कर दिया। ये कानून थर्ड रीच (Third Reich) द्वारा शुरू किए गए पहले नस्ल-आधारित उपायों में से थे।
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