मैकेनिकल एनालॉग कंप्यूटिंग की कला अपने चरम पर पहुंच गई
समय: 1927
स्थान: कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स, अमेरिका
विवरण: मैकेनिकल एनालॉग कंप्यूटिंग की कला 1927 में एमआईटी में एच. एल. हेज़ेन और वैनिवर बुश द्वारा निर्मित डिफरेंशियल एनालाइज़र के साथ अपने चरम पर पहुंच गई। यह जेम्स थॉमसन के मैकेनिकल इंटीग्रेटर्स और एच. डब्ल्यू. नीमन द्वारा आविष्कार किए गए टॉर्क एम्पलीफायरों पर आधारित था। इनके अप्रचलित होने से पहले इनमें से एक दर्जन उपकरण बनाए गए थे। 1950 के दशक तक, डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों की सफलता ने अधिकांश एनालॉग कंप्यूटिंग मशीनों के अंत का संकेत दिया, लेकिन एनालॉग कंप्यूटर 1950 के दशक के दौरान कुछ विशेष अनुप्रयोगों जैसे शिक्षा (नियंत्रण प्रणाली) और विमान (स्लाइड रूल) में उपयोग में बने रहे।
इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।
सर्वोत्तम-प्रयास क्रम। कुछ घटनाएं क्रम से बाहर दिख सकती हैं क्योंकि कई केवल वर्ष के अनुसार ज्ञात हैं, लेकिन वे आमतौर पर उसी अवधि के आसपास होती हैं।
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