By Codenteam
औद्योगिक क्रांति की शुरुआत में चॉकलेट के उत्पादन में तेजी लाने वाली नई प्रक्रियाएं सामने आईं। 1815 में, डच रसायनज्ञ कोएनराड वैन हौटेन ने चॉकलेट में क्षारीय लवण पेश किए, जिससे इसकी कड़वाहट कम हो गई।
इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।